E-mail: administration@blspindia.org    |    Phone: 011 - 47523879, 42478184   
भारत लोक शिक्षा परिषद् द्वारा आयोजित किया गया अर्पण-तर्पण-समर्पण का एकल भगवत ज्ञानयज्ञ
BLSP India > BLOG > भारत लोक शिक्षा परिषद् द्वारा आयोजित किया गया अर्पण-तर्पण-समर्पण का एकल भगवत ज्ञानयज्ञ
  • Ranjeeta Jain
  • No Comments

बड़े ही हर्ष का विषय है कि पूज्य भाई श्री रमेश भाई ओझा जी के श्री मुख से दिव्य एकल श्रीमद्
भागवत ज्ञानयज्ञ का आयोजन भारत लोक शिक्षा परिषद् द्वारा दिनांक 15 सितंबर से 22 सितंबर 2019
तक पंजाबी बाग स्टेडियम, जन्माष्टमी पार्क, रिंग रोड, नई दिल्ली में किया गया ।
पंजाबी बाग स्टेडियम (जन्माष्टमी पार्क) में भारत लोक शिक्षा परिषद के तत्वाधान में आयोजित एकल
भागवत ज्ञान यज्ञ का विधिपूर्वक समापन हुआ। पूज्य रमेश भाई ओझा जी ने अपने मुखारविंद से कथा
को विराम देते हुए कहा कि कृष्ण को माखन से ज्यादा आत्मा प्यारी है और कृष्ण की आत्मा राधा जी
हैं जब भी आप प्रेम से राधा को पुकारेंगे कृष्ण अपने आप चले आएंगे इस पावन पर्व पर परमार्थ
पीठाधीश्वर स्वामी चिदानंद सरस्वती जी महाराज ने भी अपनी गरिमामय उपस्थिति दर्ज कराई। भागवत
ज्ञान यज्ञ में आनंद वर्षा करते हुए भाई जी ने सभी भक्तजनों से माता पिता, गुरु एवं अपने धर्म को
भरपूर सम्मान देने की प्रेरणा दी I धर्मपरायण होकर अपने कर्म का जो निर्वहन करता है वह निश्चित
रूप से सफल होता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती। भाई श्री ने एकल अभियान के पुनीत कार्य से
लोगों को जुड़ने का आह्वान भी किया I
7 दिन तक चले इस भागवत एकल ज्ञान यज्ञ में देशभर से आए हुए संत महात्मा, केंद्रीय मंत्रियों ने
अपनी गरिमामय उपस्थिति दर्ज करा कर कार्यक्रम को सफल बनाया। यह कार्यक्रम एकल अभियान के
अंतर्गत एकल विद्यालय हेतु आयोजित किया गया था जिसमें समाज के बुद्धिजीवी, शिक्षा प्रेमी एवं
समाज सेवी लोगों ने एकल विद्यालय हेतु दान देकर एकल विद्यालय के संचालन में अपना योगदान
दिया। एकल अभियान के निमित्त की गई इस कथा में समाज के कई दानवीरों ने एकल विद्यालय के
संचालन के लिए महाशतकवीर, शतकवीर बनना स्वीकार किया। इस कार्यक्रम में भारत लोक शिक्षा
परिषद के ट्रस्टी, कार्यकारी समिति के लोग एवं कथा आयोजकों ने अपने संपूर्ण समर्पण के साथ कार्य
किया और इस कार्यक्रम को संपन्न बनाया।
पितृ पक्ष में एकल विद्यालयों के निमित्त की जा रही इस कथा का श्रवण परिवार की सुख, समृद्धि और
शांति के लिए बहुत ही लाभकारी व पुण्यदायी रहा । अन्नदान, धनदान, गोदान, विद्यादान सभी दानों का
क्षय निश्चित है केवल ज्ञानदान, विद्यादान ही अक्षुण है करोड़ों उपेक्षित बन्धुवों की कुटिया में ज्ञान का
दीपक जलाएं, आओ शिक्षित, सुसंस्कृत और श्रेष्ठ भारत को विश्वगुरु बनायें I इस कार्यक्रम में श्री सुभाष
अग्रवाल जी (ट्रस्टी, भारत लोक शिक्षा परिषद्), श्री जी.डी.गोयल जी (चेयरमैन) श्री नन्द किशोर अग्रवाल

(प्रधान), श्री जगदीश मित्तल जी, श्री संजीव टेकरीवाल जी, श्री सुभाष सी. अग्रवाल जी, श्री नीरज
रायजादा जी, श्री नवल दारुका जी, श्री जगमेंद्र गुप्ता जी, श्री एस.एन. बंसल जी, श्री राजेश गुप्ता जी, श्री
किसन कुमार जी, श्री अखिल गुप्ता जी, श्री राजीव अग्रवाल जी, श्री वीरेंद्र कुमार जी सहित समर्पित भाव
से सेवारत कई अन्य गणमान्य महानुभावों का विशेष योगदान रहाI

Author: Ranjeeta Jain

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *